Saturday, May 30, 2026

छोटे किससे पर दास्तान नहीं

हम साथ हैं पर हैं नहीं,

मिलते हैं पर कोई नज़ाकत नहीं।

छोटे किस्से पर दास्तान नहीं,

खुला आसमान लेकिन परछाई नहीं।

तो क्या फ़ायदा इस राब्ते का,

जिस सफ़र में कोई सच्चाई नहीं? 

क्या लिखें उस पन्ने पर

जिस कहानी में कोई गहराई नहीं? 

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